Wednesday, February 6, 2019

CBI बनाम ममता बनर्जी: वो राजीव कुमार, जिनके लिए ममता बैठ गईं धरने पर

रविवार को पश्चिम बंगाल में कोलकाता पुलिस और सीबीआई के बीच तकरार का बेहद नाटकीय अंदाज़ देखने को मिला.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर 'राजनीतिक बदले की भावना' से काम करने का आरोप लगाया और रविवार देर रात से ही धरने पर बैठ गईं.

दरअसल, रविवार को सीबीआई की एक टीम कोलकाता के कमिश्नर राजीव कुमार के घर शारदा चिटफंड और रोज़ वैली मामले में पूछताछ के लिए पहुंची. लेकिन कोलकाता पुलिस सीबीआई अधिकारियों को शेक्सपियर सारणी थाने ले गई. राज्य पुलिस का कहना है कि सीबीआई की टीम के पास कोई वारंट नहीं था.

इस मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजीव कुमार के आवास पहुंची और इसे 'केंद्र सरकार का राज्य पर हमला' बताया.

सवाल ये है कि जिस पुलिस अधिकारी को लेकर पश्चिम बंगाल में मामला ममता बनर्जी बनाम सीबीआई बन चुका है, आखिर वो हैं कौन?

1989 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार इस समय कोलकाता के पुलिस कमिश्नर हैं. राजीव कुमार का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ ज़िले में हुआ. उन्होंने आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.

अपनी पुलिस की नौकरी में उन्होंने अपनी तकनीकी जानकारी का खूब इस्तेमाल किया. उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस में सर्विलांस का बेहतर इस्तेमाल करके अपराधियों को पकड़ने के लिए जाने जाता है.

90 के दशक में राजीव कुमार ने बीरभूम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रहते हुए कोयला माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ मुहिम छेड़ी थी. उन्होंने कई कोयला माफियाओं को पकड़ा, इस वक्त पश्चिम बंगाल में कोयला माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ कोई पुलिस अधिकारी कार्रवाई नहीं करते थे.

अपनी सूझ-बूझ के दम पर राजीव कुमार सरकार के करीबी बन गए. विपक्ष में रहते हुए तब ममता बनर्जी ने इन्हीं राजीव कुमार पर अपना फ़ोन रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया था. लेकिन जब ममता बनर्जी सत्ता में आईं तो वे ममता सरकार के भी करीबी अधिकारियों में शुमार हो गए.

साल 2016 में उन्हें कोलकाता का कमिश्नर नियुक्त किया गया.

कुमार इससे पहले बिधाननगर के कमिश्नर भी रह चुके हैं. इसके अलावा वे कोलकाता पुलिस से अंतर्गत स्पेशल टास्क फ़ोर्स के चीफ़ भी रह चुके हैं.

साल 2013 में सामने आए शारदा चिट फ़ंड और रोज़ वैली घोटाले में जब जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाई तो उसके चीफ़ राजीव कुमार बनाए गए. साल 2014 में जब सुप्रीम कोर्ट ने ये दोनों मामले सीबीआई को सौंप दिए. सीबीआई ने आरोप लगाया कि कई दस्तावेज, लैपटॉप, पेन ड्राइव, मोबाइल फ़ोन राजीव कुमार ने सीबीआई को नहीं सौंपे गए.

इस बाबात सीबीआई ने राजीव कुमार को कई समन भी भेजा लेकिन सीबीआई का आरोप है कि वे पेश नहीं हुए.

सीबीआई का कहना है कि वह रविवार को चिटफ़ंड मामले में ही राजीव कुमार से पूछताछ के लिए उनके आवास पर पहुंची थी.

शारदा कंपनी की शुरुआत जुलाई 2008 में हुई थी.

देखते ही देखते ये कंपनी हजारों करोड़ की मालिक बन गई. इस कंपनी ने आम लोगों से भारी निवेश करवाया था और वादों को पूरा करने में नाकाम साबित रही थी.

इस कंपनी के मालिक सुदिप्तो सेन ने 'सियासी प्रतिष्ठा और ताक़त' हासिल करने के लिए मीडिया में खूब पैसे लगाए और हर पार्टी के नेताओं से जान पहचान बढ़ाई थी.

कुछ ही सालों में वे अरबपति हो गए. शारदा ग्रुप के खिलाफ पहला मुक़दमा 2013 में 16 अप्रैल को दर्ज किया गया.

इसके बाद शारदा के सुदिप्तो सेन फरार हो गए. बाद में उन्हें कश्मीर से गिरफ्तार किया गया. उनके गिरफ्तार होते ही कंपनी ठप पड़ गई.

साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने शारदा चिट फंड घपले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था. पश्चिम बंगाल सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का विरोध करती रही है.

Monday, February 4, 2019

ममता ने धरना स्थल पर ही शुरू की कैबिनेट मीटिंग, साइन कर रही हैं फाइलें

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलता जा रहा है. एक बार फिर इस घटनाक्रम के मुख्य में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) है. रविवार शाम कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर छापा मारने पहुंची सीबीआई की टीम के अफसरों को कोलकाता की पुलिस ने ही धर लिया. जिसके बाद से ही मोदी सरकार के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठी हैं. ममता बनर्जी धरना स्थल पर बैठकर ही कैबिनेट की बैठक कर रही हैं, यहां पर ही वह लगातार फाइलें साइन कर रही हैं.

खास बात ये भी है कि आज ही पश्चिम बंगाल का बजट भी पेश होना है, ममता बनर्जी ने धरना स्थल से ही विधानसभा सत्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हमने अपने कार्यकाल में किसानों के लिए काफी काम किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से झूठे वादे कर रही है. ममता बनर्जी के साथ उनकी पूरी कैबिनेट धरना स्थल पर मौजूद हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी अफसर धरना स्थल पर ही हैं, ममता बनर्जी स्टेज से ही सारे काम कर रही हैं और फाइलों को साइन कर रही हैं.

सोमवार सुबह गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से बात की है. जिसके बाद राज्यपाल ने चीफ सेकेट्ररी और डीजीपी को समन किया है. अब बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने इस पूरे मसले पर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार से रिपोर्ट तलब की है. गृह मंत्रालय ने जांच में बाधा डालने पर IPS अफसर के रोल पर सवाल खड़े किए हैं.

ममता बनर्जी का ये धरना आज विपक्षी ताकत की एकता दिखाने का मंच भी बनेगा. इसके अलावा टीएमसी के कार्यकर्ता बंगाल के कई हिस्सों में मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. TMC कार्यकर्ता द्वारा नेशनल हाइवे 34 को ब्लॉक कर दिया गया है. कोलकाता में सीबीआई के दफ्तर के अंदर सेंट्रल फोर्स तैनात की गई है, जबकि ऑफिस के बाहर कोलकाता की पुलिस मुस्तैद है.

सुप्रीम कोर्ट से भी लगा झटका

देश के इतिहास में ये भी पहली बार ही हुआ है जब राज्य की कोई पुलिस और केंद्र की कोई एजेंसी इस तरह एक दूसरे के आमने-सामने हैं. अब ये मामला देश की सर्वोच्च अदालत में भी पहुंच गया है. सीबीआई आज बंगाल की ममता सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां उसे सुप्रीम कोर्ट की ओर से झटका लगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई अब कल होगी, तबतक सभी पक्ष सबूत एकत्रित करें.

पूरी खबर पढ़ें... CBI को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, CJI बोले- कमिश्नर के खिलाफ सबूत लाएं, कल होगी सुनवाई

रविवार शाम करीब 6 बजे से शुरू हुआ राजनीतिक ड्रामा देर रात में धरने तक जा पहुंचा. ममता बनर्जी ने रात 8 बजे कोलकाता के मेट्रो चैनल पर धरना देना शुरू किया. सोमवार सुबह तक ममता का धरना नॉनस्टॉप जारी रहा. सोमवार सुबह ममता बनर्जी ने कहा कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार सुबह 5 बजे तक धरने स्थल पर ही थे. वह काफी समझदार अफसर हैं, लेकिन जिस तरह उनके साथ व्यवहार किया गया उससे वह निराश हैं.

एकजुट हुआ विपक्ष

सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेता ममता का साथ देने कोलकाता पहुंचेंगे. समाजवादी पार्टी के नेता किरणमय नंदा सोमवार सुबह ममता बनर्जी का समर्थन करने धरना स्थल पहुंचे. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे. सुबह करीब 10.30 बजे विपक्ष इस मुद्दे पर बैठक कर रहा है, ताकि आगे की रणनीति पर बात की जा सके.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं ने ममता बनर्जी से फोन पर बात कर उनका समर्थन किया. सोमवार को संसद के दोनों सदनों में भी ये मुद्दा गूंजा और हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपने सभी सांसदों को आदेश दिया है कि वह संसद के बाहर और अंदर इस मुद्दे पर प्रदर्शन करें. उन्होंने राहुल गांधी, एचडी देवगौड़ा, अरविंद केजरीवाल समेत विपक्ष के अन्य नेताओं संग बात की. नायडू आज राजधानी दिल्ली भी आएंगे. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी आने के बाद विपक्ष के नेता आगे की रणनीति पर काम कर सकते हैं.

2013 के बहुचर्चित शारदा चिटफंड मामले में कार्रवाई करने के लिए सीबीआई रविवार शाम को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची. सीबीआई की टीम जब राजीव कुमार के घर पहुंची तो कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया. सीबीआई के करीब 40 अफसर राजीव कुमार के घर पहुंचे थे, जिसमें से 5 को पुलिस ने हिरासत में लिया.

इतनी ही देर में ममता बनर्जी भी राजीव कुमार के घर पहुंचीं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. ममता बनर्जी ने इसके बाद मीडिया को संबोधित किया और केंद्र की मोदी सरकार, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और NSA प्रमुख अजित डोभाल को आड़े हाथों लिया.

दोनों पक्षों में आर-पार की लड़ाई

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सीबीआई की टीम बिना किसी सर्च वारंट के राजीव कुमार के घर पहुंची और घर में घुसने की कोशिश की. हालांकि, सीबीआई का तर्क था कि वह जरूरी कागजों के साथ वहां पर पहुंची थी लेकिन उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करने दी गई.

ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से सीबीआई को निर्देश दे रहे थे. ममता ने कहा, "मुझे दुख है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल एजेंसी को निर्देश दे रहे हैं. वह उसे लागू कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं. उन्हें जनता को बताना चाहिए कि यह सही नहीं है."

क्या है शारदा चिटफंड मामला?

आपको बता दें कि शारदा चिटफंड देश के चर्चित मामलों में से एक है. इस कंपनी ने आम लोगों को 34 गुना रकम करने का वादा किया गया था और लोगों से पैसे ठग लिए. जिसमें 40 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था. कोलकाता पुलिस के कमिश्नर राजीव कुमार ने इस मामले में बनी एसआईटी की अगुवाई की थी. सीबीआई का कहना है कि मामले से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज इनके पास हैं. 

Friday, February 1, 2019

वार्मअप मैचों का शेड्यूल जारी, भारत का न्यूजीलैंड-बांग्लादेश से होगा अभ्यास मैच

नई दिल्ली. भारतीय टीम इस साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ वार्मअप मैच खेलेगी। आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 30 मई से इंग्लैंड में होना है। इसमें 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं। वर्ल्ड कप से पहले आईसीसी ने गुरुवार को वार्मअप मैचों का शेड्यूल जारी किया। सभी टीमों को दो-दो वार्मअप मैच खेलने हैं। वार्मअप मैच 24 से 28 मई के बीच होंगे।

16 जून को होगा भारत और पाकिस्तान मैच
भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 25 मई को ओवल में और बांग्लादेश के खिलाफ 28 मई को कार्डिफ में मैच खेलेगी। टीम इंडिया वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत 5 जून को साउथम्प्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करेगी। टीम इंडिया ने 1983 और 2011 में विश्व कप जीता है।

इस विश्व कप में कुल मिलाकर 46 दिन में 48 मैच खेले जाएंगे। इनमें सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले शामिल हैं। गत विजेता ऑस्ट्रेलिया अपने सफर की शुरुआत 1 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ करेगी।

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले का दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को इंतजार रहता है। वर्ल्ड कप में इन दोनों टीमों के बीच मैच 16 जून को होगा। यह मैच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा।

मिताली राज ने इस सीरीज के दूसरे मैच में 63 रन की पारी खेली थी। भारतीय कप्तान ने 1999 में अपना पहला डेब्यू मैच खेला था। तब से अब तक भारतीय महिला टीम ने कुल 263 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें से मिताली 200 मुकाबलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मिताली ने अब तक 10 टेस्ट और 85 टी-20 मैच खेले हैं।

दुनिया के टॉप-3 महिला खिलाड़ी
मिताली के बाद दूसरे नंबर पर इंग्लैंड की कार्लोट एडवर्ड (1999-2016) हैं। उन्होंने 191 मैच में 38.16 की औसत से 5992 रन बनाए। इसमें 9 शतक शामिल हैं। इनके अलावा तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क (1991-2005) ने 118 मैचों में 47.49 की औसत से 4844 रन बनाए। साथ ही 5 शतक भी लगाए।

भारतीय खिलाड़ियों में अंजुम दूसरे नंबर पर
भारतीय खिलाड़ियों में बात करें तो मिताली के बाद अंजुम चौपड़ा (1995-2012) हैं। इन्होंने भारत के लिए 127 मैच खेलकर 31.38 की औसत से 2856 रन बनाए हैं। अंजुम ने एक शतक लगाया है। इनके बाद हरमनप्रीत कौर तीसरे स्थान पर काबिज हैं। हरमनप्रीत ने अब तक 93 मैचों में 34.52 की औसत से 2244 रन बनाए। इसमें 3 शतक शामिल है।

अमेरिका के पेमब्रोक पाइन्स शहर की एक सड़क पर जिस गड्ढे को राहगीर आम टूट-फूट का नतीजा मान रहे थे, जांच में वह 150 फीट लंबी सुरंग निकली। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के मुताबिक, चोरों ने सुरंग को बैंक के बेसमेंट के पास तक खोद लिया था। अब पुलिस इसकी तलाश कर रही है।

Thursday, January 24, 2019

मणिकर्णिका में कंगना रनौत को देख दीवाने हुए 'भारत कुमार,' बोले- वो इसी काम के लिए पैदा हुई है

हिंदी सिनेमा में देशभक्ति फिल्मों के लिए महशूर दिग्गज अभिनेता-फिल्मकार मनोज कुमार ने कंगना रनौत की जमकर तारीफ़ की है. कंगना की फिल्म 'मर्णिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' देखने के बाद न्यूज एजेंसी आईएएनएस से एक्टर ने कहा, "मुझे लगता है कि कंगना पर्दे पर उनका (रानी लक्ष्मीबाई) किरदार निभाने के लिए ही पैदा हुई हैं. फिल्म में हर किसी ने शानदार काम किया है, लेकिन कंगना ने रानी लक्ष्मीबाई के किरदार को परदे पर अमर कर दिया."

मणिकर्णिका, कंगना की महत्वाकांक्षी फिल्म है. ये इसी 25 जनवरी को रिलीज हो रही है. हाल ही में मुंबई में मणिकर्णिका की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी. बॉलीवुड के तमाम दिग्गजों ने फिल्म देखी. मनोज कुमार फिल्म को लेकर काफी खुश नजर आए. बताते चलें कि मनोज कुमार की पहचान भारत कुमार के रूप में की जाती है. उन्होंने अपनी करियर में कई देशभक्ति फिल्मों का निर्माण किया.

मनोज कुमार को उपकार, पूरब पश्चिम, शहीद, क्रांति और 'रोटी कपड़ा और मकान' जैसी महशूर फिल्मों में अभिनय और निर्माण के लिए याद किया जाता है.

यह भी बताते चलें कि मणिकर्णिका के जरिए कंगना रनौत निर्देशन में डेब्यू करने जा रही हैं. उनके निर्देशन में ही फिल्म के काफी हिस्से की शूटिंग की गई है. इसी वजह से निर्देशन के लिए कृष के साथ उन्हें भी क्रेडिट दिया जा रहा है. ये फिल्म रिपब्लिक डे वीक पर रिलीज हो रही है. इसके साथ बाल ठाकरे के जीवन पर बनी नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अमृता राव स्टारर ठाकरे भी रिलीज हो रही है.

मणिकर्णिका 2019 में रिलीज हो रही बड़े बजट की पहली फिल्म है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर बनी फिल्म का बजट करीब 100 करोड़ रुपये है. कंगना, मणिकर्णिका के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट का इंतज़ार कर रही हैं.

आतंकवाद का रास्ता छोड़कर सेना में शामिल होने वाले लांस नायक नजीर वानी को अशोक चक्र अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. ये पहला मौका है जब आतंक की नापाक राह से लौटे किसी जवान को देश के इतने बड़े सम्मान से नवाजने का निर्णय लिया गया है.

नजीर वानी ने 2004 में आत्मसमर्पण किया था. इसके कुछ वक्त बाद ही नजीर ने भारतीय सेना ज्वॉइन कर ली थी. कभी सेना के खिलाफ लड़ने वाले इस बहादुर जवान ने आतंकवादियों से लड़ते हुए नवंबर, 2018 में अपनी जान वतन के नाम कुर्बान कर दी थी.

दरअसल, पिछले साल नवंबर में शोपियां में कुछ आतंकियों के छुपे होने की खबर पर सुरक्षाबलों की टीम उन्हें मौत के घाट उतारने पहुंची थी. इस दौरान 6 आतंकवादियों ने एक घर में शरण ली थी, जिसे जवानों ने चारों तरफ से घेर लिया था. आतंकियों पर प्रहार करते हुए नजीर वानी ने एक दहशतगर्द को मार गिराया था. जबकि जवाबी फायरिंग में वह खुद भी घायल हो गए थे.

आतंकियों की गोली से जख्मी होने के बावजूद नजीर वानी ने उस घर में छुपे आतंकियों को भागने नहीं दिया. लांस नायक नजीर आतंकियों के भाग निकलने के रास्ते पर डटे रहे और उन्होंने एक और आतंकी को मौत के घाट उतार दिया. हालांकि, इस ऑपरेशन में दहशतगर्दों की गोलियां का निशाना बने नजीर वानी भी शहीद हो गए.

नजीर वानी की इस बहादुरी के लिए उन्हें अशोक चक्र सम्मान देने का फैसला किया गया है. राष्ट्रपति सचिवालय की तरफ से बताया गया है कि नजीर वानी एक बेहतर सैनिक थे और उन्होंने हमेशा चुनौतीपूर्ण मिशन में साहस दिखाया. बता दें कि नजीर वानी की जांबाजी के लिए उन्हें दो बार सेना मेडल भी मिल चुका है.

नजीर वानी कुलगाम के चेकी अश्‍मूजी गांव के रहने वाले थे. नजीर के परिवार में उनकी पत्‍नी और दो बच्‍चे हैं. साल 2004 में नजीर वानी ने टेरिटोरियल आर्मी से सेना में अपनी सेवा देनी शुरू की थी. 2007 में उन्हें पहला सेना मेडल और 2017 में दूसरा सेना मेडल दिया गया.

Wednesday, January 16, 2019

शाहिद कपूर संग कोल्ड वॉर पर रणवीर सिंह ने तोड़ी चुप्पी? किस बात पर हुआ था विवाद

 में आई फिल्म पद्मावत की रिलीज के दौरान रणवीर सिंह और शाहिद कपूर की कोल्ड वॉर ने खूब सुर्खियां बटोरीं. कहा गया कि दोनों एक-दूसरे को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते. यहां तक कहा गया कि दोनों एक्टर्स के बीच तालमेल बनाने के लिए दीपिका पादुकोण की मदद ली गई. हालांकि मीडिया से बातचीत में कभी दोनों ने कथित कोल्ड वॉर को खुलकर नहीं स्वीकारा. एक इंटरव्यू में रणवीर से शाहिद संग मनमुटाव पर सवाल किया गया.

रणवीर ने कहा, ''शाहिद कपूर और मेरे बीच सबकुछ ठीक था. हम एकसाथ बहुत खुश थे. मुझे लगता है कि पद्मावत की शूटिंग के दौरान हमने अच्छा समय बिताया.'' बताते चलें कि शाहिद ने पद्मावत की रिलीज के दौरान कहा था कि वे भंसाली की फिल्म के सेट पर खुद को "आउटसाइडर" महसूस करते हैं. जिसके जवाब में रणवीर ने कहा था, "मैंने शाहिद को सेट पर घर की तरह महसूस कराने की हर संभव कोशिश की थी."


दोनों के बीच ये मनमुटाव रणवीर सिंह के उस बयान को माना जाता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे "कमीने" में शाहिद का रोल उनसे बेहतर कर सकते थे. तब जाकर शाहिद ने भी रणवीर पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ''अगर मैं पद्मावत में खिलजी का रोल करता तो मेरी अलग अप्रोच होती."एक्टर्स के इन्हीं बयानों के आधार पर दोनों के बीच कोल्डवॉर की बातें सामने आती रही हैं. 

हालांकि पिछले साल इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में रणवीर ने अपने कमेंट के लिए शाहिद कपूर से माफी भी मांगी थी. उन्होंने कहा था- ''बॉलीवुड में मेरे पहले साल में मैं काफी एरोगेंट था. ये सब कुछ मुझे नहीं कहना चाहिए था. मुझे अपने कमेंट पर खेद है.''

बता दें, पद्मावत में रणवीर ने पहली बार नेगेटिव रोल प्ले किया था. जल्द ही एक्टर की मूवी गली बॉय रिलीज होने वाली है. इसमें उनके अपोजिट आलिया भट्ट नजर आएंगी. हाल ही में रिलीज हुई रणवीर सिंह की सिम्बा बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई है.

उधर, पिछले साल पद्मावत के बाद शाहिद की फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू आई थी. फिल्म आने से पहले चर्चाओं में थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास कमाल दिखाने में नाकामयाब रही. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं ज्यादा इसकी अहमियत समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के लिए मानी जा रही है. यही वजह है कि अपने सियासी वजूद को बचाए रखने के लिए सपा-बसपा ने 23 साल पुरानी दुश्मनी भुलाकर गठबंधन करने का फैसला किया है. इसके बावजूद अगर सपा-बसपा मिलकर भी नरेंद्र मोदी के विजय रथ को उत्तर प्रदेश में नहीं रोक पाते हैं तो फिर दोनों दलों खासकर बसपा के लिए अपने राजनीतिक वजूद को बरकरार रख पाना मुश्किल साबित हो सकता है.

मायावती और अखिलेश यादव ने गठबंधन कर नरेंद्र मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है, लेकिन जिस तरह से कांग्रेस ने सूबे के छोटे क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर तीसरी ताकत के रूप में सभी सीटों पर उतरने का फैसला किया है. सपा-बसपा गठबंधन दलित, यादव और मुस्लिम वोटबैंक के दम पर जहां सूबे की सियासी जंग फतह करने की उम्मीद लगा रही हैं.

वहीं, बीजेपी सवर्ण, गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित मतदाताओं के सहारे 2014 जैसे नतीजे दोहराने की बात कह रही है. हालांकि, कांग्रेस को तीन राज्यों में मिली जीत से उसके हौसले बुलंद है. ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना दिख रहा है. सूबे का सियासी संग्राम में कोई भी किसी से कम नहीं नजर आ रहा है. ऐसे में सपा-बसपा सूबे में मोदी को मात नहीं दे पाते हैं तो फिर उनके सामने सियासी संकट खड़ा होना लाजमी है.

Monday, January 14, 2019

3 साल बाद 1200 पन्नों की चार्जशीट दायर, कन्हैया-खालिद समेत 10 पर देशद्रोह का आरोप

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में 2016 में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि आतंकी अफजल गुरु की याद में हुए इस प्रोग्राम में देश विरोधी नारे लगाए गए थे। पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 7 कश्मीरी छात्रों को आरोपी बनाया। कन्हैया कुमार ने कहा कि मैं 3 साल बाद चार्जशीट दाखिल किए जाने पर मोदीजी और पुलिस को धन्यवाद देना चाहता हूं। इससे साफ है कि यह राजनीति से प्रेरित कदम है।

चार्जशीट में सीपीआई नेता डी राजा की बेटी अपराजिता राजा, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शहला रशीद समेत 36 अन्य नाम हैं। इनका नाम चार्जशीट के कॉलम 12 में है, क्योंकि इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है, लेकिन इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पटियाला कोर्ट में दायर चार्जशीट पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

न्यायपालिका पर यकीन- कन्हैया
कन्हैया कुमार ने कहा, "मैं मोदीजी और पुलिस को धन्यवाद कहना चाहता हूं। 3 साल बाद चुनाव से ठीक पहले चार्जशीट फाइल किया जाना साफतौर पर दिखाता है कि यह राजनीति से प्रेरित है। मैं अपने देश की न्यायपालिका पर विश्वास करता हूं।''

ये राजनीति से प्रेरित आरोप- डी राजा
सीपीआई नेता डी राजा ने कहा, ''ये राजनीति से प्रेरित आरोप हैं, कोई भी एआईएसएफ पर देश के विरोध में कोई काम करने का आरोप नहीं लगा सकता। जांच के लिए कुछ भी नहीं है, हमारे छात्र इस तरह की किसी भी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।''

संसद हमले के गुनहगार अफजल की याद में हुआ था प्रोग्राम
आरोप है कि जेएनयू में 9 फरवरी को लेफ्ट स्टूडेंट्स के ग्रुप्स ने संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था। इसे कल्चरल इवेंट का नाम दिया गया था। शाम 5 बजे उसी प्रोग्राम में कुछ लोगों ने देशविरोधी नारेबाजी की थी। 10 फरवरी को नारेबाजी का वीडियो सामने आया। दिल्ली पुलिस ने 12 फरवरी को नारेबाजी के आरोप में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में कन्हैया, खालिद और भट्टाचार्य को गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में इन्हें जमानत मिल गई थी।

कुल मिलाकर इस रहस्यलोक के चक्रव्यूह से दो ही लोग महफूज़ थे. एक वो जिसने इसे बनाया था. यानी बाबा गुरमीत राम रहीम. और दूसरी वो जो इसमें लोगों को फंसाती थी. यानी बाबा की हनीप्रीत. बाकी तमाम मोहरे थे. जिन्हें वो उंगलियों पर नचाते थे और वो इशारों पर नाचते थे. बाबा के रहस्यलोक का ये तो सिर्फ एक पहलू है. रंगीनमिज़ाजी के अलावा भी बाबा के कुकर्मों की फेहरिस्त बहुत लंबी है. जिस बाबा को एक जोड़ी कपड़े में उम्र गुज़ार देनी चाहिए उसकी रंग बिरंगी पोशाकें. सोने सा महल और महंगी महंगी गाडियां ये बिना बोले ही बता देंगी कि इस बाबा की नियत में खोट है.

बाबा का रहस्यलोक सिर्फ रंगीनियों और ऐशो-आराम से ही नहीं भरा हुआ था बल्कि उनके सेवादार बताते हैं कि इसकी दरो-दीवार में बेबस साध्वियों की चीखें दबी हुई हैं. इसे बेगुनाहों के खूनों से सिंचा गया है. मगर बाबा के रहस्यलोक में उसी का राज था. वही खुदा था. मगर वो भी जानता था कि जिस रास्ते पर वो चल रहा है. एक ना एक दिन उसका अंजाम बुरा होने वाला है और वही हुआ. दो बलात्कार के लिए बीस साल जेल पहली किश्त में मिली और अब कत्ल के लिए अगली किश्त का इंतजार है.

Monday, January 7, 2019

भगवान राम पर मणिशंकर अय्यर का विवादित बयान: आज की पांच बड़ी ख़बर

उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि दशरथ एक बड़े राजा थे. उनके महल में 10 हज़ार कमरे थे, लेकिन भगवान राम किस कमरे में पैदा हुए ये बताना मुश्किल है.

दिल्ली में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया के एक कार्यक्रम 'एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम' में उन्होंने कहा, "मंदिर आप ज़रूर बनाइए अयोध्या में, लेकिन आप कैसे कह सकते हैं कि मंदिर वहीं बनाएंगे."

"कौन जानता है कि कौन सा कमरा कहां था और इसलिए ये कहना कि भगवान राम यहीं पैदा हुए थे."

राजधानी पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई पर बेवजह सवाल नहीं उठाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "यह बहुत आश्चर्य की बात है कि एक राजनीतिक धड़े में भ्रष्टाचार कोई मुद्दा नहीं रह गया है."

सीबीआई के राजनीतिक प्रयोग के आरोपों से जुड़े एक सवाल पर वो अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. उन्होंने कहा कि महागठबंधन का कोई भविष्य नहीं है, 2019 में नरेंद्र मोदी ही दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे.

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी के ख़िलाफ़ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है.

एफ़आईआर में उनकी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पीटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड और कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं.

यह केस साल 2008 में हरियाणा के गुरुग्राम ज़मीन सौदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में दर्ज किए गए हैं.

एफ़आईआर के अनुसार भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते वाड्रा की कंपनी ने गुरुग्राम में 7.5 करोड़ रुपए में 3.5 एकड़ ज़मीन ख़रीदी थी, जिसके बाद कंपनी ने उस ज़मीन को डीएलएफ़ को 58 करोड़ रुपए में बेच दी.

सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ केंद्रीय श्रमिक संघों ने मंगलवार से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है.

संघों ने संयुक्त बयान में कहा कि क़रीब 20 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे.

10 श्रमिक संघों की नई दिल्ली में हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में एटक की महासचिव अमरजीत कौर ने सोमवार को कहा कि दूरसंचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कोयला, इस्पात, बिजली, बैंकिंग, बीमा और परिवहन क्षेत्र के लोग इस हड़ताल में शामिल होंगे.

फ्रांस सरकार बिना अनुमति के होने वाले प्रदर्शनों में लोगों के शामिल होने पर प्रतिबंध लगाने जा रही है.

आठ हफ्ते से जारी हिंसक येलो वेस्ट प्रदर्शनों के बाद सरकार ने ये क़दम उठाया है. फ्रांस के प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलिप का कहना है कि सरकार एक बिल पेश करेगी, जिसमें बिना अनुमति लिए प्रदर्शन करने वालों को सज़ा देने का प्रवाधान होगा.